
आर्किटेक्चर और वातावरण


सिनागोग «Бейт Рахель – Хабад Любавич» अस्ताना का मुख्य यहूदी आध्यात्मिक केंद्र है। хабад любавич समुदाय की पहल से निर्मित यह सिनागोग सातवें любавिची रेबे - रब्बी मेनाचेम-मेन्देल श्नीयरसन की पत्नी राहेल के सम्मान में नामित है। यह भवन प्रार्थना कक्ष, शिक्षण कक्षाओं और सांस्कृतिक केंद्र को एकीकृत करता है, जहां धार्मिक सेवाएं, त्योहार और यहूदी परंपराओं के संरक्षण तथा बहुसांस्कृतिक संवाद के विकास के लिए निर्देशित शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
इतिहास
सिनागोग «Бейт Рахель – Хабад Любавич» मध्य एशिया की सबसे महत्वपूर्ण और सुंदर सिनागोगों में से एक है, जो Астане (कजाकिस्तान) में स्थित है। इसे हाबाद लुभाविच की यहूदी समुदाय की पहल पर बनाया गया था और 2004 में खोला गया। सिनागोग का नाम «राहेल का घर» के रूप में अनुवादित होता है और यह सातवें लुभाविची रेबे - रब्बी मेनachem-मेंडल श्नीयरसोन की पत्नी राहेल श्नीयरसोन की स्मृति को समर्पित है, जो हाबाद आंदोलन के आध्यात्मिक नेता थे। वास्तुशिल्प रूप से इमारत आधुनिक शैली में बनी है जिसमें पारंपरिक यहूदी स्थापत्य के तत्व हैं। विशाल प्रार्थना कक्ष सैकड़ों उपासकों के लिए है और इसमें उत्सवपूर्ण लेकिन गर्मजोशी भरी वातावरण है। आंतरिक सज्जा कजाकिस्तान के राष्ट्रीय मोटिफ्स और यहूदी विश्वास की प्रतीकात्मकता को जोड़ती है: केंद्र में तोराह के साथ पवित्र संदूक (अरॉन हा-कोडेश) है, जबकि विंडो ग्लास और सजावटी तत्व प्रकाश और शांति का एहसास पैदा करते हैं। सिनागोग केवल प्रार्थना स्थल नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक-शैक्षिक केंद्र भी है। यहां नियमित रूप से धार्मिक सेवाएं, त्योहार (शब्बत, पेसाह, हनुका, रोश हा-शाना आदि), तोराह पर व्याख्यान, हिब्रू के पाठ, युवा बैठकें और दान संबंधी पहल आयोजित होती हैं। सिनागोग के साथ यहूदी स्कूल, बाल केंद्र और पुस्तकालय कार्यरत है।
